दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के नोअरलुंगा अस्पताल में एक 71 वर्षीय महिला को क्रोनिक लंग कंडीशन के इलाज के दौरान चार घंटे फर्श पर बिठाकर रखा गया। महिला ने बताया कि उसे अस्पताल की ‘ठंडी फर्श’ पर इंतजार करने के लिए मजबूर किया गया था। इस घटना ने अस्पताल में मरीजों के प्रति देखभाल और व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिला की इस पीड़ादायक अनुभव की जानकारी सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला अस्पताल में जगह की कमी और स्टाफ की उपलब्धता से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठा रहे हैं। इस घटना से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर चिंता जताई जा रही है।