अल नीनो की वजह से देश में जलविद्युत उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। XM ने चेतावनी दी है कि दिसंबर तक जलाशयों का स्तर गिरकर केवल 13% रह सकता है। इससे बिजली उत्पादन की क्षमता न्यूनतम स्तर पर पहुँच सकती है, जिससे ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अल नीनो की वजह से बारिश कम होने की संभावना है, जिससे जलाशयों में पानी की मात्रा घट जाएगी। यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहने पर कृषि और अन्य क्षेत्रों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए पहले से ही तैयारी कर रही है और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। जल संरक्षण के उपायों को भी अमल में लाने की जरूरत है।

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