वैज्ञानिकों के अनुसार, एल नीनो की वापसी के साथ ही 2024 अब तक का सबसे गर्म वर्ष बन गया है। उल्लेखनीय है कि यह वृद्धि एल नीनो की अपेक्षाकृत कमजोर उपस्थिति के बावजूद दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि एल नीनो इस बार असाधारण रूप से प्रबल हो सकता है, जिससे वैश्विक तापमान में और भी अधिक वृद्धि हो सकती है। तापमान में यह वृद्धि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को और बढ़ा सकती है। इससे मौसम के पैटर्न में बदलाव और चरम मौसमी घटनाओं की आवृत्ति में वृद्धि होने की संभावना है। वैज्ञानिक स्थिति पर बारीकी से निगरानी रख रहे हैं और भविष्य के प्रभावों का आकलन कर रहे हैं। यह स्थिति वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बनी हुई है।