अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अल नीनो की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है और पनामा इसके प्रभावों का सामना करने के लिए तैयार है। अधिकारियों का कहना है कि अल नीनो का मतलब यह नहीं है कि बारिश पूरी तरह से बंद हो जाएगी, बल्कि इसमें महत्वपूर्ण कमी आने की संभावना है। इस स्थिति के कारण जल संसाधनों पर असर पड़ सकता है, जिससे सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सरकार ने नागरिकों को जल संरक्षण के उपाय करने और संभावित चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी है। कृषि क्षेत्र पर भी अल नीनो का नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे फसलों के उत्पादन में कमी आ सकती है। स्थिति की निगरानी की जा रही है और आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।