प्रशांत महासागर में एल नीनो की शुरुआत हो चुकी है, यह जानकारी अमेरिकी मौसम और वायुमंडल अनुसंधान केंद्र (NOAA) ने दी है। एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु चक्र है जो कुछ वर्षों में एक बार आता है। इसकी विशेषता उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में असामान्य रूप से उच्च समुद्री तापमान है, जो आमतौर पर नौ से बारह महीनों तक रहता है। यह घटना दुनिया के बड़े हिस्सों में मौसम के स्वरूप को प्रभावित करती है, जिससे दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और ऑस्ट्रेलिया तथा एशिया के कुछ हिस्सों में सूखा आ सकता है। इस वर्ष, एल नीनो पिछले एक दशक में हुए मानवजनित वैश्विक तापमान वृद्धि के साथ आ रहा है, इसलिए वैज्ञानिक ‘सुपर एल नीनो’ की आशंका जता रहे हैं। इससे चरम मौसम की घटनाओं और तापमान के नए रिकॉर्ड बनने की संभावना बढ़ गई है। वैज्ञानिक समुदाय इस स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है।