अल नीनो की घोषणा के साथ ही वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन इसके प्रभावों की भविष्यवाणी को कठिन बना रहा है। अल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु चक्र है जो वैश्विक तापमान को बढ़ाता है, और जलवायु परिवर्तन पहले से ही ग्रह को गर्म कर रहा है। इन दोनों के एक साथ आने से अत्यधिक गर्मी, सूखा, बाढ़ और अन्य चरम मौसम की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वैज्ञानिक इस 'खतरनाक दोहरे प्रभाव' के सटीक परिणामों का आकलन करने के लिए काम कर रहे हैं। वर्तमान में, अल नीनो की तीव्रता और अवधि अनिश्चित है, जिससे भविष्य के प्रभावों का अनुमान लगाना मुश्किल हो रहा है। विशेषज्ञ सरकारों और समुदायों से संभावित जोखिमों के लिए तैयारी करने का आग्रह कर रहे हैं। यह संयोजन वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा और जल संसाधनों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।