वैज्ञानिकों ने आधिकारिक तौर पर अल नीनो की शुरुआत की पुष्टि की है। इस वर्ष तापमान में असामान्य वृद्धि होने की आशंका है, जिससे वैश्विक जलवायु पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसके परिणामस्वरूप खाद्य आपूर्ति में व्यवधान और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ने की संभावना है। अल नीनो की वजह से दुनिया भर में सूखा, बाढ़ और अन्य चरम मौसम की घटनाओं में वृद्धि हो सकती है। कृषि उत्पादन प्रभावित होने से खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारों और समुदायों को इस स्थिति के लिए तैयार रहने और इसके प्रभावों को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। यह घटना वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करा सकती है।