डफना लियाल का विश्लेषण है कि इज़ेंकोट की योजना नेतन्याहू को पार्टी के लिए संघर्ष में खींचने की है। यह संघर्ष संभावित रूप से दक्षिणपंथी मतदाताओं के लाखों वोटों के नुकसान का कारण बन सकता है। यह आगामी चुनावों के परिणामों को भी प्रभावित कर सकता है। लियाल का कहना है कि इज़ेंकोट का उद्देश्य नेतन्याहू को एक कठिन स्थिति में लाना है, जिससे उनकी राजनीतिक स्थिति कमजोर हो जाएगी। यह कदम इज़ेंकोट को पार्टी पर अधिक नियंत्रण हासिल करने में मदद कर सकता है। इस रणनीति के परिणामस्वरूप, दक्षिणपंथी गुट में विभाजन हो सकता है, जिसका सीधा असर चुनावों पर पड़ेगा। कुल मिलाकर, यह विश्लेषण इज़ेंकोट की राजनीतिक चालों और उनके संभावित परिणामों पर प्रकाश डालता है।