मिस्र मक्का में हुए रक्षा समझौते के समारोह में शामिल नहीं हुआ, जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, मिस्र को समारोह के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह जानबूझकर किया गया था या नहीं। यह घटना क्षेत्रीय सुरक्षा संरचनाओं और मिस्र की भूमिका के बारे में चर्चा को जन्म दे रही है। मक्का समझौता कई अरब देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने का प्रयास है। मिस्र का अनुपस्थित रहना इस समझौते की प्रभावशीलता और भविष्य पर सवालिया निशान लगा सकता है। विशेषज्ञ इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या यह मिस्र की विदेश नीति में बदलाव का संकेत है। इस मामले पर अभी और जानकारी आने की उम्मीद है।