सोरोटी उच्च न्यायालय ने दो मिस्र के नागरिकों को उनके एक सहकर्मी, महमूद अहमद ज़िन्होम इब्राहिम सेलीम की हत्या के आरोप में 22 साल की जेल की सजा सुनाई है। मुहम्मद नाबिल मुहम्मद अली शोक्र और फहीम अब्दहलियम अब्बास बदावी ने फरवरी 2024 में सेलीम की हत्या का दोषी स्वीकार किया। सेलीम एक रसोई के बर्तन के व्यवसायी थे, और उनकी लाश अवोजा के पास फेंकी गई थी। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और उन्हें 22 साल की कैद की सजा सुनाई। यह फैसला सोरोटी क्षेत्र में अपराध और न्याय व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। यह घटना विदेशी नागरिकों द्वारा किए गए अपराधों पर भी प्रकाश डालती है। अदालत का यह फैसला पीड़ितों के परिवारों को थोड़ी राहत प्रदान करेगा।