मिस्र के शिक्षा मंत्री को हाल ही में जापान से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली है, जो शिक्षा के विकास और दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करने के प्रयासों की मान्यता है। इससे पहले, मंत्री को एक गैर-पारंपरिक डॉक्टरेट मिली थी जिसके परिणामस्वरूप उन्हें केवल "श्री" की उपाधि मिली थी। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मंत्री के चयन के लिए दक्षता और विषय की जानकारी ही मुख्य मानदंड थे, उपाधियों की आवश्यकता नहीं थी। यह डॉक्टरेट जापान और मिस्र के बीच बढ़ते सहयोग का प्रतीक है, जिसमें जापानी स्कूलों की संख्या में वृद्धि और मिस्र में जापानी पाठ्यक्रम और भाषा की शिक्षा शामिल है। यह घटना शिक्षा और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के क्षेत्र में एक दिलचस्प मोड़ है। यह उपाधि ऋणदाता की संतुष्टि का भी प्रमाण है।