आज से, मिस्र में वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए बिजली की दरों में 20% की वृद्धि लागू हो गई है। यह घोषणा 'मादा मस्र' द्वारा की गई है। यह वृद्धि व्यवसायों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालेगी। सरकार ने इस फैसले के पीछे के कारणों का स्पष्टीकरण नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह देश की आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए उठाया गया कदम है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। इस वृद्धि से छोटे और मध्यम आकार के व्यवसायों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस फैसले के प्रभावों को कम करने के लिए क्या कदम उठाती है।