शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों के उपवास के बाद आखिरकार अपना उपवास तोड़ दिया। यह उपवास लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के तहत आदिवासी अधिकारों की सुरक्षा की मांग को लेकर था। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस अवसर पर उनकी उपस्थिति दर्ज कराई। वांगचुक ने लद्दाख के लोगों की मांगों को लेकर सरकार के साथ सकारात्मक बातचीत की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि यह उपवास लद्दाख के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम था। सरकार ने इस मुद्दे पर ध्यान दिया है और समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है। यह घटना लद्दाख में चल रहे विरोध प्रदर्शनों का एक महत्वपूर्ण मोड़ है।