साइन्स में समुद्री जल के उपयोग को लेकर ईडीपी (EDP) और पुर्तगाली सरकार के बीच कानूनी विवाद उत्पन्न हो गया है। ईडीपी ने एक अस्थायी निषेधाज्ञा दायर की है, जो सरकार के उस फैसले को चुनौती देती है जिसके तहत 'आगुआस दे सैंटो आंद्रे' (Águas de Santo André) को पुराने कोयला आधारित बिजली संयंत्र से जल लेने का अधिकार दिया गया है। यह जल साइन्स में बनने वाले डिसेलिनाइजेशन प्लांट और अन्य बड़े परियोजनाओं के लिए आवश्यक है। ईडीपी का तर्क है कि यह निर्णय अनुचित है और उनके अधिकारों का उल्लंघन करता है। सरकार का कहना है कि यह निर्णय क्षेत्र में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। इस मामले में आगे की सुनवाई होने की संभावना है, जिससे साइन्स में जल संसाधनों के प्रबंधन पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। यह विवाद पुर्तगाल में जल संसाधनों के निजीकरण और उपयोग को लेकर चल रही बहस का हिस्सा है।
