इक्वाडोर के पूर्व राष्ट्रपति लेनिन मोरेनो को एक चीनी-निर्मित जलविद्युत बांध से जुड़ी रिश्वतखोरी के मामले में पाँच साल की जेल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के बाद आया है। मोरेनो पर आरोप है कि उन्होंने बांध निर्माण के दौरान रिश्वत स्वीकार की थी। इस मामले में कई अन्य अधिकारियों पर भी आरोप लगाए गए हैं। यह इक्वाडोर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई मानी जा रही है। सजा के बाद मोरेनो ने आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वे राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। इस फैसले से इक्वाडोर की राजनीति में खलबली मच गई है।