आगामी राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे दौर से पहले, संभावित विरोध प्रदर्शनों को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। साथ ही, चुनावी दबाव और मतदाताओं को प्रभावित करने की खबरें भी आ रही हैं। सीमाएं बंद कर दी गई हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि ये कदम शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं। विपक्ष ने इन कदमों की आलोचना करते हुए इसे मतदाताओं को डराने का प्रयास बताया है। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान कराने की प्रतिबद्धता जताई है और किसी भी प्रकार की हेराफेरी को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सभी राजनीतिक दल एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।