अर्थशास्त्री और जन नीति विश्लेषक डॉ. देवप्रिय भट्टाचार्य ने सरकार के पहले छह महीनों और अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर बात की। उन्होंने भविष्य की कार्रवाई के लिए सुझाव दिए। डॉ. भट्टाचार्य ने चिंता व्यक्त की कि वर्तमान नीतियों से अगली पीढ़ी पर ऋण का बोझ बढ़ रहा है। उन्होंने ऋण प्रबंधन और सतत विकास पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि सरकार को आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने दीर्घकालिक आर्थिक योजना के महत्व पर भी प्रकाश डाला। यह विश्लेषण देश की आर्थिक चुनौतियों और संभावित समाधानों पर महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करता है।