12 अगस्त को, ब्रिटेन, स्पेन, बेल्जियम और आइसलैंड से उड़ानें विशेष मार्गों पर रवाना हुईं ताकि यात्रियों और वैज्ञानिकों को पूर्ण सूर्य ग्रहण का दुर्लभ दृश्य देखने का अवसर मिल सके। ये उड़ानें विशेष रूप से सूर्य ग्रहण को देखने के लिए डिजाइन की गई थीं, जो बादलों के ऊपर से होकर गुजरीं। वैज्ञानिक भी इस अवसर का लाभ उठा रहे हैं, और नासा 50,000 फीट की ऊंचाई पर एक अनुसंधान विमान के साथ इस अभियान में शामिल होगा। इस ग्रहण को देखने के लिए हवाई यात्राओं की मांग में भारी वृद्धि हुई है। ग्रहण के दौरान सौर कोरोना का अध्ययन करने के लिए भी यह अभियान महत्वपूर्ण है। यह घटना अंतरिक्ष पर्यटन और वैज्ञानिक अनुसंधान का एक अनूठा मिश्रण है। इस पूरी प्रक्रिया में शामिल विमानों को खास मार्गों पर उड़ाया जा रहा है ताकि ग्रहण का बेहतरीन दृश्य मिल सके।