यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने इस गुरुवार को ब्याज दरों में वृद्धि का निर्णय लिया है। इस निर्णय के बाद, हाउसिंग से संबंधित खर्चों में वृद्धि को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कार्नेइरो ने सरकार से आग्रह किया है कि वह इस मुद्दे पर ध्यान दे और आवास ऋणों के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए प्रस्तावों पर विचार करे। पिछले आठ महीनों से आवास ऋणों की किस्तें लगातार बढ़ रही हैं, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। कार्नेइरो का मानना है कि सरकार को इस स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए और तत्काल कदम उठाने चाहिए। ब्याज दरों में वृद्धि से गृहस्वामियों और संभावित खरीदारों दोनों पर असर पड़ेगा। सरकार से अपेक्षा है कि वह इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी उपाय करेगी।