यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने तीन साल बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं। मुख्य ब्याज दर को 2.25 प्रतिशत तक बढ़ाया गया है। यह कदम बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है। ईसीबी का यह निर्णय यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डालेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बचतकर्ताओं को लाभ हो सकता है, जबकि गृह ऋण लेने वालों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है। यह वृद्धि यूरोज़ोन में ऋण और निवेश की लागत को प्रभावित करेगी। ईसीबी आगे भी ब्याज दरों में बदलाव कर सकती है, जो महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।