यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने ईरान में चल रहे युद्ध के मद्देनज़र ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है। यह वृद्धि लगभग तीन वर्षों में सबसे बड़ी है, जिससे बेंचमार्क दर 2.25% तक पहुँच गई है। इस निर्णय का सीधा असर बंधक ऋणों (mortgages) पर पड़ेगा, क्योंकि यह दर यूरोपीय इंटरबैंक ऑफर रेट (Euribor) को प्रभावित करती है। बैंकों द्वारा दिए जाने वाले ऋणों और क्रेडिट कार्ड की लागत में भी वृद्धि होने की संभावना है। ईसीबी का यह कदम मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है, जिसके चलते ईसीबी ने यह कठोर कदम उठाया है। यह दर वृद्धि यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव डालेगी, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।