अंतर्राष्ट्रीय नर्स परिषद ने चिंता व्यक्त की है कि इबोला के खिलाफ लड़ाई में जुटे कुछ नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों को दो से तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। ये कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं, फिर भी उन्हें समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है। परिषद ने इन स्वास्थ्यकर्मियों के लिए उचित वेतन और सुरक्षा की तत्काल मांग की है। यह स्थिति न केवल अनुचित है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। समय पर वेतन मिलने से स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और वे बेहतर ढंग से सेवाएं दे पाते हैं। परिषद का कहना है कि सरकारों और स्वास्थ्य संगठनों को इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए। इबोला के खिलाफ लड़ाई में नर्सें और स्वास्थ्यकर्मी सबसे आगे हैं और उनका समर्थन करना आवश्यक है।