कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला का प्रकोप गंभीर होता जा रहा है, जहाँ अब तक 1,000 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और लगभग 300 लोगों की मौत हो चुकी है। हाल ही में, यूरोप में भी इस वायरस का पहला मामला सामने आया है, जिसकी पुष्टि फ्रांस में हुई है। यह मामला आयातित है, जिसका अर्थ है कि संक्रमित व्यक्ति हाल ही में प्रभावित क्षेत्र से लौटा है। स्वास्थ्य अधिकारी स्थिति पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं। इस घटना से यूरोप में भी इबोला के प्रसार को लेकर चिंता बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) प्रकोप को नियंत्रित करने के लिए कांगो सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है। यह प्रकोप पिछले कुछ वर्षों में सबसे घातक इबोला प्रकोपों में से एक है।