पूर्वी जर्मनी में वरिष्ठ नागरिकों की संख्या में सामाजिक सहायता पर निर्भरता बढ़ रही है। मैगडेबर्ग में 'टेफेल' (खाद्य बैंक) में रिपोर्टरों ने पाया कि कई पेंशनभोगी पहले से ही गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। लोगों को राजनीति से ज्यादा उम्मीदें नहीं हैं। यह स्थिति पूर्वी जर्मनी में बढ़ती आर्थिक असमानता और पर्याप्त पेंशन प्रावधानों की कमी को दर्शाती है। 'टेफेल' जैसे संगठन इन ज़रूरतमंद वरिष्ठ नागरिकों को भोजन और अन्य आवश्यक वस्तुएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। यह समस्या पूर्वी जर्मनी के सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर प्रभाव डाल रही है और भविष्य में और बढ़ने की आशंका है। सरकार और सामाजिक संगठनों को इस बढ़ती चुनौती का समाधान खोजने की आवश्यकता है।
