पूर्वी अफ्रीका की प्रसिद्ध बर्फ़ से ढकी पहाड़ियाँ, केन्या, युगांडा और तंजानिया में स्थित, जल्द ही पूरी तरह से गायब हो जाएँगी। ‘अफ्रीका में जलवायु की स्थिति 2025’ की रिपोर्ट के अनुसार, माउंट केन्या, अफ्रीका की दूसरी सबसे ऊँची चोटी पर स्थित बर्फ़, पिछले 115 वर्षों में 96% तक कम हो गई है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बर्फ़ की चादरें जल्द ही पूरी तरह पिघल जाएँगी। इससे न केवल पर्यावरण पर प्रभाव पड़ेगा, बल्कि जल संसाधनों की उपलब्धता भी कम हो जाएगी। स्थानीय समुदायों और कृषि पर इसका गंभीर असर होगा। यह जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली एक दुखद घटना है, जो वैश्विक स्तर पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल कार्रवाई ज़रूरी है।