साइंस पत्रिका में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने पृथ्वी के भूमिगत कवक नेटवर्क (fungal network) की विशालता का खुलासा किया है। शोध के अनुसार, यह नेटवर्क इतना विस्तृत है कि इसकी कल्पना करना कठिन है। यदि इस नेटवर्क को अंतरिक्ष में एक सीधी रेखा में फैलाया जाए, तो यह हमारी आकाशगंगा, मिल्की वे के लगभग 10% हिस्से को कवर कर लेगा। यह खोज प्रकृति की जटिलता और भूमि के नीचे मौजूद सूक्ष्म प्रणालियों के व्यापक विस्तार को दर्शाती है। अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि कवक का यह जाल वैश्विक स्तर पर फैला हुआ है। यह वैज्ञानिक खोज पारिस्थितिकी तंत्र की हमारी समझ को एक नया आयाम प्रदान करती है।