सुबह फज्र की नमाज़ से सूर्योदय तक का समय रिज़्क़ और बरकत से भरपूर माना जाता है। इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, इस समय सोना आलस्य का प्रतीक है और यह व्यक्ति की बुद्धि और कार्य क्षमता को कम कर सकता है। यह समय अल्लाह की नेमतों को प्राप्त करने और दिन की शुरुआत सही तरीके से करने का अवसर है। इस दौरान सक्रिय रहने और इबादत करने से जीवन में बरकत आने की संभावना बढ़ जाती है। आलस्य त्यागकर इस समय का सदुपयोग करना चाहिए। यह समय आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
