स्वीडन में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, इलेक्ट्रिक स्कूटरों को पर्यावरण के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है, लेकिन शोध से पता चलता है कि लोग पैदल चलने या साइकिल चलाने के बजाय इनका उपयोग कर रहे हैं। विशेषज्ञ पीयर नॉर्डबैक का तर्क है कि भविष्य में, सार्वजनिक स्वास्थ्य एजेंसियां इन स्कूटरों के छिपे हुए स्वास्थ्य जोखिमों पर चिंता व्यक्त कर सकती हैं। लंबे समय तक स्कूटर चलाने से निष्क्रिय जीवनशैली, उच्च रक्तचाप और सिर की चोटों का खतरा बढ़ सकता है। यह पीढ़ी पुरानी होने पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ सकती है। लेख में स्कूटर उद्योग द्वारा किए जा रहे दावों पर सवाल उठाए गए हैं और इनके दीर्घकालिक प्रभावों पर ध्यान देने की आवश्यकता जताई गई है। यह एक चेतावनी है कि तात्कालिक सुविधा के लिए दीर्घकालिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।