सीनेटर पिंग लाक्सोन ने चेतावनी दी है कि ड्युर्टे के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही पूर्व निर्धारित बरी होने पर समाप्त हो सकती है। उनका मानना है कि महाभियोग की कार्यवाही के दौरान मतदान प्रक्रिया से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना चाहिए। लाक्सोन ने इस बात पर जोर दिया कि यदि मतदान प्रक्रिया में कोई त्रुटि होती है, तो यह पूरे महाभियोग की वैधता को खतरे में डाल सकता है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय इस मामले में अंतिम और निर्णायक होना चाहिए। यह मामला पूर्व राष्ट्रपति ड्युर्टे पर लगे आरोपों से संबंधित है और इसकी कार्यवाही देश की राजनीतिक स्थिति के लिए महत्वपूर्ण है। लाक्सोन का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट की भागीदारी से निष्पक्ष और न्यायपूर्ण परिणाम सुनिश्चित हो सकता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
