इस वर्ष सामाजिक आवास किराये में 3.6 प्रतिशत की वृद्धि होगी, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार, किरायेदार अब अधिक किराया देंगे। सरकार ने किराये में वृद्धि को सीमित करने के प्रयास किए हैं, लेकिन मुद्रास्फीति और बढ़ती लागत के कारण कुछ वृद्धि अपरिहार्य थी। यह वृद्धि निम्न आय वाले परिवारों को प्रभावित करेगी, जो सामाजिक आवास पर निर्भर हैं। आवास विशेषज्ञों का कहना है कि सामाजिक आवास की कमी एक गंभीर समस्या बनी हुई है। किराये में यह मामूली वृद्धि आवास संकट को हल करने के लिए पर्याप्त नहीं है। सरकार इस मुद्दे को हल करने के लिए अतिरिक्त उपायों पर विचार कर रही है।