हाल ही में, निवेशकों और निजी मकान मालिकों ने बड़ी संख्या में किराये के घरों को बिक्री के लिए बाजार में उतारा है। रियल एस्टेट उद्योग का कहना है कि इससे आवास संकट और भी गहरा सकता है। पहले अनुमान लगाया गया था कि 160,000 किराये के घर कम हो जाएंगे, लेकिन अब यह आंकड़ा जल्द ही वास्तविकता में बदलने की आशंका है। विशेषज्ञों का मानना है कि आवास मंत्री ह्यूगो डे जोंगे का सबसे खराब अनुमान भी अब करीब आने लगा है। किराये के घरों की कमी के कारण, किराएदारों के लिए आवास ढूंढना मुश्किल हो रहा है और कीमतें बढ़ रही हैं। यह स्थिति निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों को सबसे अधिक प्रभावित कर रही है। सरकार को इस गंभीर समस्या पर ध्यान देने और तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता है।