न्याय मंत्रालय की योजनाओं के अनुसार, जेलों में बढ़ती भीड़ और कर्मचारियों की कमी के कारण अधिक कैदियों को दिन में बाहर निकलने की अनुमति दी जा सकती है। यह कदम जेलों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए उठाया जा रहा है। मंत्रालय का मानना है कि इससे जेलों में व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि यह नीति कब लागू होगी और किन कैदियों को इसका लाभ मिलेगा। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाएगा और केवल उन्हीं कैदियों को अनुमति दी जाएगी जो जोखिम कम हों। इस पहल का उद्देश्य जेलों में बेहतर स्थिति बनाना और कर्मचारियों पर पड़ने वाले बोझ को कम करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक अस्थायी समाधान हो सकता है, और दीर्घकालिक समाधान के लिए जेलों में सुधार और कर्मचारियों की भर्ती पर ध्यान देना आवश्यक है।
