जाने-माने विशेषज्ञ गेर्बेन एवर्ट्स ने किरायेदारी कानूनों की जांच के लिए संसदीय जांच की वकालत की है। उनका मानना है कि इस तरह की जांच से महत्वपूर्ण सच्चाइयों का पता चल सकता है और मौजूदा व्यवस्था में व्याप्त कमज़ोरियों को उजागर किया जा सकता है। एवर्ट्स ने संसदीय नियंत्रण की भूमिका को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि संसदीय जांच से पारदर्शिता बढ़ती है और जवाबदेही तय होती है। उन्होंने विशेष रूप से किरायेदारी कानून में सुधार की आवश्यकता पर ज़ोर दिया है, जहाँ कई समस्याएँ मौजूद हैं। एवर्ट्स का मानना है कि एक निष्पक्ष जांच से इन समस्याओं का समाधान खोजने में मदद मिलेगी और किरायेदारी क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आएंगे। यह जांच जनता के हित में होगी और किरायेदार तथा मकान मालिकों दोनों के लिए बेहतर भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगी।