डच हॉकी टीम ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के सपने के साथ पहुंची थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। सेमीफाइनल में हार के बाद टीम उबर नहीं पाई और अर्जेंटीना के खिलाफ कांस्य पदक मैच भी 1-2 से हार गई। खिलाड़ियों को गहरा दुःख हुआ क्योंकि उनकी उम्मीदें बहुत ऊंची थीं और वे पदक जीतने में विफल रहे। टीम के कप्तान थियरी ब्रिंकमैन ने डुको टेलजेनकांप से बात की, जिसमें सच्चाई सामने आई। सेमीफाइनल में हार का सदमा इतना गहरा था कि टीम अगले मैच के लिए मानसिक रूप से तैयार नहीं हो पाई। यह हार डच हॉकी के लिए एक बड़ा झटका है। टीम इस हार से उबरने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।