डच फुटबॉल टीम रविवार को एटी एंड टी स्टेडियम में अपना पहला विश्व कप मैच खेलेगी, जिसे विश्व कप के दौरान डलास स्टेडियम के नाम से जाना जाएगा। टेलीस्पोर्ट के फुटबॉल प्रमुख वैलेंटाइन ड्रिसेन ने इस स्टेडियम पर अपनी राय व्यक्त की है, जिसमें 90,000 से अधिक दर्शक बैठ सकते हैं। ड्रिसेन ने स्टेडियम को ‘फुटबॉल का मंदिर’ नहीं बताया है, जिससे स्टेडियम की उपयुक्तता पर सवाल उठ रहे हैं। उनका मानना है कि स्टेडियम का माहौल फुटबॉल के लिए अनुकूल नहीं है। यह टिप्पणी डच टीम के पहले मैच से पहले महत्वपूर्ण है। ड्रिसेन की यह प्रतिक्रिया स्टेडियम के डिजाइन और वातावरण से संबंधित है। इस बयान ने फुटबॉल प्रशंसकों और विशेषज्ञों के बीच बहस छेड़ दी है।
