केंद्रीय सांख्यिकी ब्यूरो (CBS) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष की दूसरी तिमाही में किसानों को अपने उत्पादों के लिए पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 8.5 प्रतिशत कम मूल्य प्राप्त हुए। यह गिरावट किसानों के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे उनकी आय कम हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति अनिश्चित भविष्य और निवेश के विकल्पों को लेकर दुविधा पैदा कर रही है। किसान यह तय करने में असमर्थ हैं कि कहाँ निवेश करें, जिससे कृषि क्षेत्र में ठहराव आ सकता है। कम उपज और घटते मूल्य मिलकर किसानों को आर्थिक संकट में डाल रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए तत्काल सरकारी हस्तक्षेप और नीतिगत बदलावों की आवश्यकता है। यह स्थिति न केवल किसानों के लिए, बल्कि पूरे खाद्य आपूर्ति श्रृंखला के लिए भी हानिकारक है।