बुधवार सुबह सार्वजनिक परिवहन कर्मचारियों की तीन घंटे की हड़ताल से यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। यह हड़ताल कल्याणकारी योजनाओं में कटौती के विरोध में यूनियनों द्वारा आयोजित की जा रही है। ट्रेन और बस सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना है, जिससे कामकाज पर जाने वाले लोगों को देरी हो सकती है। यूनियनों का कहना है कि सरकार की नीतियों से कर्मचारियों के अधिकारों और सेवाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हड़ताल का उद्देश्य सरकार पर दबाव बनाना है ताकि वह अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करे। यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने या यात्रा में देरी करने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने स्थिति को संभालने और यात्रियों को कम से कम असुविधा हो, इसके लिए उपाय करने की बात कही है।