यूरोपीय संघ में वापसी कानून पर मतदान के दौरान डच राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं। इस कानून का उद्देश्य यूरोपीय संघ के बाहर देशों में अस्वीकृत शरणार्थियों के लिए वापसी केंद्र स्थापित करना है। सत्तारूढ़ दल D66 के सांसदों ने मतदान में भाग लेने से इनकार कर दिया, जबकि VVD और CDA ने मतदान में भाग लिया। इस घटना से D66 और गठबंधन सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। VVD सांसद बेंटे बेकर और 'डी टेलीग्राफ' के राजनीतिक टिप्पणीकार वूटर डे विन्थर् ने इस मुद्दे पर 'न्यूज़ वैन डे दाग' कार्यक्रम में अपनी राय रखी। यह घटना डच राजनीति में महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे गठबंधन सरकार के भीतर तनाव का संकेत मिलता है। इस कानून पर आगे की चर्चा और मतदान की उम्मीद है।
