अगले साल के बजट को लेकर विपक्ष के समर्थन के लिए चल रही वार्ता अपने अंतिम चरण में है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। विपक्ष अपनी मांगों को लेकर अड़ गया है, जिससे बजट को लेकर गतिरोध की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है, खास तौर पर खर्चों और करों से जुड़े विषयों पर। विश्लेषकों का मानना है कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ तो सरकार को बजट पारित करने में मुश्किल हो सकती है। विपक्ष सरकार को रियायतें देने के लिए दबाव बना रहा है, जबकि सरकार अपनी योजनाओं को बरकरार रखने की कोशिश कर रही है। वार्ताएं जारी हैं, लेकिन अभी तक सफलता की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। यह गतिरोध आने वाले हफ्तों में राजनीतिक अस्थिरता का कारण बन सकता है।