एनओएस (NOS) के विश्व कप प्रसारण में पुरुषों और महिलाओं के कर्मचारियों की संख्या को लेकर बहस छिड़ गई है। विक्टर व्लाम ने इस चर्चा को अनावश्यक और व्यर्थ बताया है। उनका मानना है कि यह मुद्दा महत्वपूर्ण नहीं है और इस पर अनावश्यक रूप से ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। थॉमस वैन ग्रोनिंगेन ने अपने एनपीओ (NPO) कार्यकाल के दौरान एक संबंधित अनुभव साझा किया। इस घटना ने प्रसारण में लैंगिक प्रतिनिधित्व के विषय पर ध्यान आकर्षित किया है, लेकिन व्लाम का दृष्टिकोण इस मुद्दे को कम महत्व देने वाला है। यह बहस डच मीडिया में लैंगिक समानता के व्यापक संदर्भ में भी देखी जा रही है।