डरबन में हजारों प्रवासियों के प्रत्यावर्तन की प्रतीक्षा के दौरान, मेयर सिरिल ज़ाबा की टिप्पणियों पर नस्लवादी होने का आरोप लगा है। यह विवाद एक पार्क में हुई गरमागरम बहस के बाद शुरू हुआ। मेयर ज़ाबा ने आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि वह “अफ्रीकियों” से बात कर रहे थे। उनकी इस टिप्पणी ने राजनीतिक हलचल मचा दी है और विपक्षी दलों ने उनकी आलोचना की है। मेयर ज़ाबा के समर्थकों का कहना है कि उनकी बातों को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जा सकती है। यह घटना दक्षिण अफ्रीका में प्रवासियों की स्थिति और नस्लीय तनाव पर बहस को जन्म दे सकती है।