डबलिन के तीन अस्पतालों पर निजी स्वास्थ्य बीमा कंपनियों का €12 मिलियन (लगभग ₹100 करोड़ से अधिक) का बकाया है। संसद की खर्च निगरानी समिति ने इस राशि की वसूली में लापरवाही का रवैया अपनाने पर चिंता व्यक्त की है। समिति ने पाया है कि बीमा कंपनियों से पैसे वसूल करने की प्रक्रिया में ढिलाई बरती जा रही है। इस मुद्दे पर अस्पतालों और बीमा कंपनियों के बीच समन्वय की कमी को भी उजागर किया गया है। समिति का कहना है कि सार्वजनिक धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए इस बकाया राशि की तत्काल वसूली आवश्यक है। इस मामले में और अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके। सरकार इस मामले को गंभीरता से लेकर समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।