स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दवाओं के पंजीकरण में 49% की कमी आई है। यह कमी डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग को बढ़ावा देने के प्रयासों के परिणामस्वरूप हुई है, जिनका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना है। मंत्रालय का कहना है कि दवाओं के पंजीकरण जैसे कार्यों के लिए डिजिटल माध्यम अपनाने से प्रक्रिया और भी सुव्यवस्थित हो सकती है। इस पहल का लक्ष्य प्रशासनिक बोझ को कम करना और दवाओं की उपलब्धता में तेजी लाना है। मंत्रालय ने प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफार्मों के उपयोग को प्रोत्साहित किया है। इससे दवा कंपनियों और स्वास्थ्य अधिकारियों दोनों को लाभ होने की उम्मीद है। यह कदम स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
