रूसी सेना में ड्रोन संचालन के पदों के लिए भर्ती किए गए छात्रों के साथ धोखा हुआ है। उन्हें बताया गया था कि वे सुरक्षित क्षेत्र में रहकर काम करेंगे, लेकिन वास्तव में उन्हें सीधे युद्ध के मैदान में भेजा जा रहा है। यह खुलासा एक रूसी सैन्य वकील और यूक्रेन सरकार द्वारा समर्थित एक निगरानी परियोजना ने किया है। छात्रों को आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में काम करने का वादा किया गया था, लेकिन उन्हें फ्रंटलाइन पर लड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यह रूसी सेना की भर्ती प्रक्रिया में एक गंभीर चूक को दर्शाता है। इस घोटाले के उजागर होने से भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं और छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह मामला रूस में सैन्य भर्ती की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रकाश डालता है।