पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही समूह द्वारा हजारों लोगों की जबरन भर्ती और अमानवीय परिस्थितियों में कैद करने की रिपोर्ट ह्यूमन राइट्स वॉच ने जारी की है। यह समूह 2021 से फिर से सक्रिय है और इसने पूर्वी कांगो के बड़े क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है, जो तीन दशकों से अधिक समय से संघर्ष से जूझ रहा है। ह्यूमन राइट्स वॉच की वरिष्ठ शोधकर्ता क्लेमेंटाइन डी मोंटजोय के अनुसार, एम23 ने व्यापक पैमाने पर लोगों को जबरन अपनी सेना में शामिल किया है। पीड़ितों को अमानवीय स्थितियों में रखा जा रहा है, जहाँ उन्हें भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता की कमी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि यह समूह स्थानीय आबादी पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन कर रहा है। कांगो में यह स्थिति लंबे समय से चले आ रहे संघर्ष और अस्थिरता का परिणाम है। फ्रांस 24 के साथ बातचीत में, डी मोंटजोय ने इस संकट की गंभीरता पर जोर दिया।