पूर्वी कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (DRC) में रवांडा समर्थित M23 विद्रोही गुट द्वारा हजारों लोगों की जबरन भर्ती और अवैध कैद किए जाने की बात सामने आई है। ह्यूमन राइट्स वॉच की एक नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, M23 नागरिकों को जबरन अपनी सेना में शामिल कर रहा है और उन्हें अनिश्चित काल के लिए कैद कर रहा है। वहीं, डरबन, दक्षिण अफ्रीका में, ज़ेनोफोबिया (विदेशी विरोध) से बेघर हुए हजारों विदेशी नागरिक अभी भी गृह विभाग के बाहर आश्रय लिए हुए हैं। सोमाली रेफरी ओमर अब्दुल्कादिर आर्टन का विश्व कप का सपना भी अधूरा रह गया, क्योंकि उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रवेश करने से रोक दिया गया। उन्हें अपने देश में शानदार स्वागत मिला, लेकिन अमेरिकी वीजा न मिलने के कारण उनकी विश्व कप में भागीदारी समाप्त हो गई। यह घटनाएं DRC में अस्थिरता और दक्षिण अफ्रीका में सामाजिक तनाव को दर्शाती हैं।