कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य के राष्ट्रीय बिशप सम्मेलन (Cenco) ने देश के संविधान में किसी भी तरह के बदलाव का पुरजोर विरोध किया है। चर्च ने स्पष्ट किया है कि वह संवैधानिक ढांचे में किसी भी संशोधन को स्वीकार नहीं करेगा। यह कदम देश की राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से उठाया गया है। Cenco का मानना है कि वर्तमान परिस्थितियों में संविधान के साथ छेड़छाड़ जोखिम भरा हो सकता है। इस बयान के माध्यम से चर्च ने शासन व्यवस्था को चेतावनी दी है कि वह कानूनी मर्यादाओं का पालन करे। यह विरोध प्रदर्शन देश के भीतर चल रहे राजनीतिक तनाव के बीच आया है। कुल मिलाकर, कैथोलिक चर्च खुद को संविधान के संरक्षक के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।