Irene Bourquin दशकों से इस बात की वकालत करती आ रही हैं कि बेहतर शिक्षा, सम्मानजनक देखभाल और सूचित विकल्प गर्भावस्था और प्रसव के दौरान महिलाओं को केंद्र में रखने चाहिए। वह एक डौला (doula) हैं और उनका मानना है कि महिलाओं को गर्भावस्था से संबंधित सभी पहलुओं के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए ताकि वे सही निर्णय ले सकें। Bourquin का कहना है कि महिलाओं को उनकी पसंद और शरीर पर नियंत्रण रखने का अधिकार है। वह प्रसूति देखभाल में शिक्षा के महत्व पर ज़ोर देती हैं, ताकि महिलाएं सशक्त महसूस करें और आत्मविश्वास के साथ मातृत्व को अपना सकें। उनका कार्य महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करता है। Bourquin का दृष्टिकोण महिलाओं के स्वास्थ्य और भलाई को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।