प्रसिद्ध गायिका और समाजसेवी डॉली पार्टन का 80 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने 1995 में एक परोपकारी पहल शुरू की थी, जिसका उद्देश्य अपने पिता को श्रद्धांजलि देना था, जो कठिन परिस्थितियों के कारण शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाए थे। इस पहल के माध्यम से, डॉली पार्टन ने लाखों बच्चों को पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्हें एक बच्चे ने "बुक क्वीन" तक कहा। उनकी इस पहल ने विशेष रूप से उन बच्चों को लाभ पहुंचाया जिनके पास शिक्षा के अवसर सीमित थे। डॉली पार्टन का योगदान शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी पहल भविष्य में भी बच्चों को प्रेरित करती रहेगी।