डॉलर कई महीनों के निचले स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी ऋण की सीमा को लेकर व्याप्त चिंताएं हैं। निवेशकों को डर है कि अमेरिकी सरकार ऋण चुकाने में चूक कर सकती है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस अनिश्चितता के कारण, निवेशक डॉलर से दूर जा रहे हैं और सुरक्षित माने जाने वाले अन्य संपत्तियों की ओर रुख कर रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने ऋण सीमा को बढ़ाने के लिए कांग्रेस से तत्काल कार्रवाई करने का आह्वान किया है। यदि कोई समझौता नहीं होता है, तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था और वैश्विक वित्तीय बाजारों के लिए गंभीर परिणाम ला सकता है। बाजार की नजर अब अमेरिकी ऋण संकट से जुड़े नवीनतम घटनाक्रमों पर टिकी हुई है। इस स्थिति से डॉलर के मूल्य में और गिरावट आने की संभावना है।